Friday, November 30, 2018

उत्तराखंड शिव मंदिर: पैसा चाहिए तो चले आए इस गांव, दूर हो जाएगी आपकी गरीबी

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उत्तराखंड शिव मंदिर

हर इंसान जीवन में पैसा कमाने के लिए जी तोड़ मेहनत करता है, फिर भी अक्सर ज्यादा मेहनत और इन्तजार के बावजूद सफलता नहीं मिलती हैं। अगर आप भी जीवन में पैसा चाहते है तो आपके लिए एक आसान जगह के बारे में बताने जा रहे है जहां जाकर आप अपनी किस्मत का दरवाजा खोल सकते है।

जी हां, अपनी गरीबी से निजात पाने के लिए उत्तराखंड में एक ऐसी जगह है जहां जाने मात्र से आपकी गरीबी दूर हो सकती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के चमोली जिले में मौजूद माणा गांव की। इस गांव को शापमुक्त गांव का भी दर्जा प्राप्त है।

माणा पर शिव की महिमा...

माणा को भारत का आखिरी गांव भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि माणा गांव पर भगवान शिव की ऐसी महिमा है कि यहां आने पर हर किसी की गरीबी दूर हो जाती है। साथ ही ये भी माना जाता है कि शापमुक्त गांव का दर्जा प्राप्त होने के चलते यहां आने वाले लोगों के पाप भी धुल जाते हैं।

गांव पर ईश्वर की कृपा...

ऐसा कहा जाता है कि पुराने जमाने में चमोली जिले में स्थित इस गांव से होकर भारत और तिब्बत के बीच व्यापार होता था। आपको बता दें कि बद्रीनाथ धाम से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव का नाम भगवान शिव के भक्त मणिभद्र के नाम पर पड़ा है। इतिहासकारों के मुताबिक, इस गांव में आने के बाद इंसान स्वप्नद्रष्टा हो जाता है। यहां आने के बाद वो अपने जीवन में होने वाली घटनाओं को अनुभव कर सकता है।

भक्त की होने लगी पूजा...

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि एक बार माणिक शाह नाम का व्यापारी अपने काम से कहीं जा रहा था। वह भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त था।
रास्ते में लुटेरों ने उसका गला काटकर उसे लूट लिया। गर्दन कटने के बाद भी उसके मुंह से भगवान शिव की प्रार्थना निकली रही थी। अपने भक्त की भक्ति देखकर भगवान शंकर ने उसके वराह का सिर लगा दिया। इस घटने के बाद से वहां मणिभद्र की पूजा होने लगी।

महाभारत की रचना...

भगवान शिव ने माणिक शाह को यह वरदान दिया था कि यहां आने वाले हर इंसान की दरिद्रता दूर हो जाएगी। पुजारी बताते हैं कि अगर आपको पैसे की जरूरत है तो आप यहां गुरुवार को यहां आकर पूजा करने पर अगले गुरुवार तक आपको पैसे मिल जाते हैं।

यहां ऐसी भी मान्यता प्रचलित है कि भगवान गणेश के कहने पर वेद व्यास ने यहीं पर महाभारत की रचना की थी। इसके साथ ही महाभारत की लड़ाई समाप्त होने के बाद पांडव और द्रौपदी के साथ स्वर्गारोहण के लिए यहीं से होकर स्वर्गारोहिणी सीढ़ी तक गए थे।

ऐसे में अगर आप अपनी गरीबी दूर करने के सभी उपायों से थक चुके हैं तो एक बार माणा गांव भी आकर देखिए। क्या पता कि यहां आकर आपकी गरीबी दूर हो सकती है।
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