Thursday, November 29, 2018

BREAKING: इस राज्य में बहुमत में आ रही है कांग्रेस, भाजपा की हार तय

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BREAKING: इस राज्य में बहुमत में आ रही है कांग्रेस, भाजपा की हार तय

भोपाल। सट्टा बाजार की माने तो मध्यप्रदेश में कांग्रेस बहुमत की तरफ बढ़ती नजर आ रही है जबकि भाजपा चुनाव हार सकती है।

28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव 2018 के मतदान के बाद सट्टा बाजार का रुख अब बदला हुआ है। 20 दिन पहले तक सट्टा बाजार जिस पार्टी की जीत का दावा कर रहा था, अब माहौल इससे बदलता हुआ नजर आ रहा है। प्रदेश के सट्टा बाजार का मानना है कि भाजपा चुनाव हार सकती है और कांग्रेस जीत रही है।

मध्यप्रदेश में मतदान 28 नवंबर को हो गया है। सट्टा बाजार की माने तो कांग्रेस के पक्ष में हवा है। और वह सरकार बनाने की तरफ आगे बढ़ रही है। इसी लिए कांग्रेस पर ज्यादा पैसा लगाया गया। इसके उलट मतदान आते-आते भाजपा के पक्ष में पैसा कम लगने लगा। सट्टा बाजार में कांग्रेस को पहली पसंद बताते हुए ज्यादा पैसा लगाना शुरू कर दिया।

दूसरी तरफ मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक 20 दिन पहले मध्यप्रदेश के सट्टा बाजार में भाजपा की हवा थी। जबकि हवा का रुख पलटते देर नहीं लगी और सट्टेबाजों ने स्थिति पलट दी। भोपाल का सट्टा बाजार 230 सीटों में से कांग्रेस को 116 से ज्यादा सीटें मिलने का दावा कर रहा है, जबकि भाजपा के पक्ष में 102 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यानी कांग्रेस बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकती है।

20 दिन में बदल गया हवा का रुख

सट्टा बाजार के ट्रेंड के मुताबिक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा के रेट से यह संकेत मिले थे कि दोनों राज्यों में बीजेपी मुश्किल के बावजूद वापसी कर सकती है। बीजेपी पर 10 हजार रुपए लगाने वाले को पार्टी की जीत पर 11 हजार रुपए मिलने की बातें सामने आई थीं। जबकि यदि कांग्रेस पर कोई 4,400 रुपए लगाने वाले को जीत के बाद 10 हजार रुपए मिलने दिए जाने की खबरें थीं। अब स्थिति पलट गई है। अब कांग्रेस पार्टी पर ज्यादा भाव लग रहे हैं।

बुकी मानते हैं कि 20 दिन पहले उम्मीद थी कि भाजपा मध्यप्रदेश में फिर से सरकार बना रही है, जबकि कांग्रेस की उम्मीद कम है। छत्तीसगढ़ में भी भाजपा जीत हासिल करने का दावा किया गया था। कांग्रेस राजस्थान में आ सकती है। बुकी का कहना है कि टिकट बंटवारे के बाद सट्टे के रेट में अंतर आ गया था। लेकिन, कांग्रेस के प्रचार अभियान को देखते हुए सट्टे बाजार में भी कांग्रेस प्रत्याशियों पर ज्यादा पैसा लगने लगा है। यानी अब कांग्रेस पार्टी की हवा बन रही है।
यह भी कहते हैं सट्टेबाज

-कुछ सट्टेबाज यह भी कहते हैं कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस वापसी करे यह मुश्किल लगता है। क्योंकि भाजपा पर सट्टा लगाने वालों का प्राफिट मार्जिन कम है। और कांग्रेस का ज्यादा है।

-टिकट बंटवारे के बाद हुई उथल-पुथल के बाद रेट में अंतर आ गया है, लेकिन सट्टा बाजार के मुताबिक एमपी-छग में भाजपा और राजस्थान में कांग्रेस का ट्रेंड फिलहाल बदल सकता है।

मुश्किल है सटोरियों को पकड़ना
देश में किसी भी बात पर सट्टा लगाना गैर कानूनी है। सट्टा बाजार कभी दिखता नहीं है, इसलिए इसको पकड़ना बहुत मुश्किल होता है। क्योंकि यह दूर-दराज के स्थानों पर बैठे लोग लगाते हैं, यह मोबाइल फोन से या वेबसाइट के जरिए या आनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन से भी लगाया जाता है।

-सट्टा लिखने वाले एक जगह से दूसरी जगह पर मूव करते रहते हैं। ऑनलाइन सट्टा चलती हुई कार, कैफे अथवा शहर के पब्लिक प्लेस से भी संचालित किया जा सकता है, जो किसी की नजर में नहीं आता है। हालांकि भोपाल में हर रोज सट्टेबाजों को पकड़ने की मुहिम चलती है, हर रोज एक-दो प्रकरण दर्ज भी होते हैं।

इंदौर के सट्टा बाजार में कांग्रेस को 116 सीटें मिलना बताया जा रहा है जबकि भाजपा को 100 सीटें ही मिल सकती हैं। सटोरियों ने भाजपा को 100 के भीतर ही सिमट सकती है। जबकि कांग्रेस को 105 से अधिक सीटें मिलना बताया है।
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